राजनाथ सिंह की चीन यात्रा (SCO) submit 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हालिया चीन यात्रा (क़िंगदाओ, 25–26 जून 2025) की मुख्य बातें यहाँ हैं:
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SCO Submit |
✈️ आगमन और पृष्ठभूमि
राजनाथ सिंह किंगदाओ पहुंचे, जहाँ उन्हें उनके चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जुन ने स्वागत किया ।
यह दौरा शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भागीदारी के लिए था ।
🛡️ प्रमुख द्विपक्षीय बातचीत
उन्होंने डोंग जुन से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने “रचनात्मक और दूरगामी विचारों का आदान‑प्रदान” किया ।
विशेष रूप से, राजनाथ सिंह ने सीमा पर किसी भी “नई जटिलताओं” से बचने की बात पर ज़ोर दिया ।
🤝 संघर्ष समाधान और याथ्रा
बैठक के दौरान, उन्होंने चीन से दशकों पुराने सीमा विवाद का स्थायी समाधान निकालने की पुकार लगाई—एक रोडमैप आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया ।
साथ ही, उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली को लेकर खुशी जताई—यह यात्रा अब 30 जून 2025 से शुरू होकर 10 जुलाई को शुरू होगी और अगस्त 22 तक चलेगी ।
🚨 आतंकवाद पर भारत की स्थिति
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत "ऑपरेशन सिंदूर" अभी भी सक्रिय है और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को “भयानक परिणाम” भुगतने होंगे ।
उन्होंने SCO के दस्तावेज में आतंकवाद का उल्लेख न करने पर भारत ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया—कि कोई देश इस मसले में डबल स्टैंडर्ड न अपनाए ।
🎁 सांस्कृतिक संदेश
राजनाथ सिंह ने डोंग जुन को बिहार की मधुबनी पेंटिंग भेंट की—यह एक सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश भीथा।
✅ सारांश
राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत‑चीन संबंधों में एक नया संतुलन स्थापित करने की दिशा में था—जहाँ सीमाओं पर स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ भारत का दृढ़ रुख, और पारंपरिक-धार्मिक यात्राओं से सांस्कृतिक विश्वास को एक साथ रखा गया।


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