उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम को मंजूरी: अब संविदा कर्मियों को मिलेगा अधिकार और सम्मान

 


उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम को मंजूरी: अब संविदा कर्मियों को मिलेगा अधिकार और सम्मान

📅 जुलाई 2025 | 🖊️ News Book 360

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए “उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम” (Uttar Pradesh Outsourcing Seva Nigam - UPCOS) को मंजूरी दे दी है। यह कदम लाखों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। अब कर्मचारियों को न केवल समय पर वेतन मिलेगा, बल्कि EPF, ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी सुनिश्चित होंगी।


🔍 इस निगम की जरूरत क्यों पड़ी?

उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, संस्थानों और परियोजनाओं में लाखों कर्मचारी संविदा और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे हैं।

अब तक यह प्रक्रिया निजी एजेंसियों के माध्यम से होती थी, जिनमें अक्सर अनियमितताएं, वेतन कटौती, और समय पर भुगतान ना होने जैसी समस्याएं सामने आती थीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन समस्याओं को खत्म करने के लिए इस नए निगम को मंजूरी दी है, जो राज्य सरकार के अधीन कार्य करेगा।


🏢 क्या है उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम?


उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम एक सरकारी निकाय होगा जो राज्य के सभी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती और उनके प्रबंधन का कार्य करेगा।

यह निगम पारदर्शिता, जवाबदेही और कर्मचारी हित को प्राथमिकता देगा।


📌 प्रमुख विशेषताएँ और फायदे

1. ✅ समय पर वेतन भुगतान


हर महीने की 5 तारीख तक कर्मचारियों के बैंक खाते में सीधा भुगतान होगा।

इससे वेतन में देरी और एजेंसियों द्वारा कटौती की समस्या खत्म होगी।

2. 🛡️ EPF और ESI की गारंटी

अब हर कर्मचारी का EPF (Employee Provident Fund) और ESI (Employee State Insurance) अनिवार्य होगा।

इससे कर्मचारियों को पेंशन, मेडिकल और बीमा जैसी सुविधाएं मिलेंगी।


3. 💼 पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया


सभी नियुक्तियाँ JEM पोर्टल और सरकारी दिशानिर्देशों के तहत होंगी।

नियुक्ति में आरक्षण प्रणाली (SC/ST/OBC/EWS/महिला/दिव्यांग) का भी पूरा पालन किया जाएगा।


4. 🚫 अनुचित निष्कासन पर रोक

किसी भी कर्मचारी को हटाने से पहले विभागीय सक्षम अधिकारी की लिखित स्वीकृति जरूरी होगी।


5. 👩‍🍼 महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधा

मातृत्व अवकाश (180 दिन) दो बच्चों तक मान्य।

विधवा पेंशन, दुर्घटना बीमा और पारिवारिक पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।


6. 💰 सरकार को वित्तीय लाभ

निजी एजेंसियों की जगह सीधा नियंत्रण होने से सरकार को 22% तक की लागत बचत होगी।


🧑‍💼 कितने कर्मचारी होंगे लाभान्वित?

राज्य में 6 से 8 लाख तक संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी इस सेवा निगम से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इससे न केवल कर्मचारियों को लाभ होगा, बल्कि सरकारी तंत्र में भी स्थिरता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।


📈 इसका असर क्या होगा?

परिवर्तन :-        पहले              &            अब


वेतन भुगतान देर से  कभी-कभी नहीं अब हर महीने 5 तारीख तक

EPF/ESI सुविधा अनियमित या नहीं & अब अनिवार्य और सुरक्षित

एजेंसी द्वारा वेतन कटौती  अब समाप्त

भर्ती प्रणाली निजी एजेंसी आधारित अब सरकार नियंत्रित पारदर्शी प्रणाली

सुरक्षा व अधिकार कमजोर अब कानूनी अधिकार के साथ सुरक्षित


🗣️ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

> "संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा भावना और समर्पण काबिले-तारीफ है। अब उन्हें भी वह सम्मान और अधिकार मिलेगा जिसके वे हकदार हैं।"


✍️ निष्कर्ष 

उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम के गठन से एक नया युग शुरू हुआ है, जहाँ संविदा कर्मचारी सिर्फ “काम करने वाले” नहीं बल्कि सुरक्षित, सम्मानित और संरक्षित कर्मचारी बनेंगे। सरकार का यह कदम लाखों परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाएगा।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

टॉप सरकारी जॉब - July 2025

JSSC ANM भर्ती 2025: 10वीं पास महिलाओं के लिए 3100+ सरकारी पद

भारत सरकार के कौन-कौन सी योजनाएं हैं, जिसे लेकर आप अपना खुद का कारोबार शुरू कर सकते हैं.